The Diary Game is 2006 entry 30th July 2026.
Morning time.
मैं सुबह काफी देर से जगा मुझे नहीं पता था कि आज देर क्यों हो गई अलार्म नहीं बजा इसलिए मुझे लगता है कि जल्दी काम करना होगा फिर मैं कमरे से बाहर आया फ्रेश और व्यायाम शुरू कर दिया व्यायाम शुरू करने के बाद लगभग आज मैंने सिर्फ 25 मिनट ही किया फिर मैं दूध लेने चला था आज मैं नए घर पर गया हूं मुझे लगता है इनका दूध भी अच्छा होगा लेकिन कभी-कभी कुछ चीज ऐसी होती है जो मेरे लिए अलग हो जाती है वापस आता हूं तैयार होता हूं और फिर नाश्ता किया स्कूल तो नहीं निकल जाता हूं।
7:45 थे तब मैं प्रार्थना में जाता हूं वहां से बच्चे प्रार्थना करता हूं उसके बाद वापस कक्षा में आता हूं और मैडम आगे है मैं बहुत आगे आप थोड़ा-थोड़ा कार्य कराया कोई भी अधूरा कार्य नहीं रहना चाहिए लेकिन कुछ भी तो रोती हो सकती है इसलिए फिर मैं कक्षा से में जाता हूं उन्होंने कहा सर आपने वादा किया था मैं खेल खिलाएंगे फिर मैं उन्हें दूसरी मंजिल पर लेकर जाता हूं वहां पर कुछ कार्यक्रम करवाता हूं मुझे उम्मीद है कि वह खेल अच्छी तरह से सीख सकती है लेकिन उनकी रुचि मुझे नहीं लगी कि वह पूरी होगी अब लगता है कि उनके खेल को पूरा करने में समयलगेगा।

फिर मैं अगली कक्षा में गया और वहां पर मैडम को मैंने सारा कार्य बता दिया है इंटरवल हो गया सभी भोजन कर रहे हैं उसके बाद में कंप्यूटर रूम में आ जाता हूं वहां पर बच्चों को सीख रहा हूं और कुछ कंप्यूटर भी अभी बने हैं लेकिन आज मुझे मेरठ जाना पड़ सकता है इसलिए मैं कुछ देर बाद ऑफिस में जाता हूं तो देखता हूं वहां पर बहुत सारे नए पेरेंट्स आए हैं जो अपने बच्चों का एडमिशन करवा रहे हैं मैं दो रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरने के लिए दिया है फॉर्म बिल्कुल भी अधूरा नहीं होना चाहिए इसलिए मैंने कोई भी चीज अधूरी नहीं की है मुझे लगता है कि अभी कुछ भी चीज पूरी करने से पहले अपने से ध्यान रखना होगा फिर मैंने उनको फॉर्म अच्छी तरह से लाइक किया और उन्होंने ऑनलाइन अप्लाई कर दिया है इसलिए मुझे लगता है कि कोई भी फॉर्म नहीं छोड़ना चाहिए नहीं तब तो पूरी कोशिश कर रहा हूं कि वह बेहतर रहे तो मैडम चेक करती है ठीक है उन्होंने कहा ठीक है जो ऑनलाइन अप्लाई कर दीजिए मैं फिर उन्होंने ऑनलाइन अप्लाई कर दिया है।
एक बज चुका था मैंने अपना जल्दी से भोजन किया और मुझे तस्वीर नहीं ली है उसके बाद मुझे मेरठ के लिए निकलना था बारिश हल्का बूंदाबांदी शुरू हो रही है इसलिए मैं तेजी से स्कूटर लेकर गया लगभग आधे घंटे में मैं वहां पहुंच गया उसके बाद मैंने पूछा कि सर कहां पर गया वह खाने में बाजार में अभी आ रहे हैं वहां पर कुछ व्यक्ति बैठे हुए हैं लैपटॉप ठीक करवाने आए इसलिए मैंने उनकी तस्वीर ले लिया। उन्होंने कहा बैठ जाइए थोड़ी देर में आपका सारा कार्य हो जाएगा
फिर दुकानदार आ गया और बोला अपने मदरबोर्ड चेक करने लगा क्यों मुझे 3:00 बोर्ड की आवश्यकता है फिलहाल पूरी मेहनत कर रहा हूं कभी ना कभी चेक हो जाएगा लेकिन कोई भी कमी आती है तो मुझे लगता है की पूरी हो जाएगी फिर मैं पूरी कोशिश करता हूं कि उनकी मदरबोर्ड चेक हो जाए लगभग एक घंटा हो चुका है चार बज चुके हैं तब उन्होंने को मेरे सभी मदरबोर्ड त्याग करती है फिर मैं उसके साथ लेकर निकल जाता हूं सबसे पहले ऑफिस में बैठता हूं और फिर क में लगाने का प्रयास कर रहा हूं लेकिन अभी तैयार नहीं है पहले शिवपुरी सफाई करवाता हूं उसके बाद ही तैयार करूंगा।
| Photos captured by | @ahlawat |
|---|---|
| The Diary Game | Remember God to make one day better. |
| Device name | Nothing |
| Location | Khatauli |
| 25% to | @null |
| I hope you like this. | Thanks for reading. You are all welcome.. |




