The Diary Game is 1994 entry 18th July 2026.Sunday's journey begins in the forest.

in Beauty of Creativity28 days ago

My dear friends, how are you? I hope you are well. Sometimes something happens which gives a new experience. This is just the beginning. Let's see what can happen in the coming days.The daily routine is changing according to the weather. The weather is becoming very nice. There is light drizzle and it feels good to sit and work at the computer centre.Today I slept for about 1 hour, which was a good thing because sleep is a beautiful thing but too much sleep also changes our lives.I never sleep during the day but sometimes I feel sleepy while enjoying the weather, so I lie down for a while and then get back to my work.Whenever something happens to us, it's a new experience, we just don't know what to do, but it's the beginning of life, that's how it is.Let's learn something new in our daily routine and meet new people, so we get new experiences.Considering the heat, the weather has become very good, this also makes the daily routine beautiful.

Morning time.

मैं सुबह जागने का समय 4:45 का है तब मैं अपने बिस्तर पर बैठकर ईश्वर से प्रार्थना करता हूं उसे कहता हूं हे परमपिता परमेश्वर आप सभी के लिए आज अच्छा दिन हो फिर मैं कमरे से बाहर आया और अपने लिए हल्का गुनगुना गर्म पानी पिया पानी पीने के बाद फ्रेश होने चला जाता हूं वापस आता हूं फिर मैंने अपना योग शुरू किया जिसमें कुछ नई चीज की है आजकल मेरा पेट थोड़ा अधिक बाहर नहीं है लेकिन बाहर आना शुरू हो गया है मैं अभी से कोशिश कर रहा हूं कि मैं अपने पेट की चर्बी को कम कर सकूं और फिर मैंने लगभग 6:20 तक व्यायाम पूरा कर लिया।

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फिर मैंने एक गिलास गर्म पानी पिया और अपने जंगलों में घूमने के लिए निकल गया लगभग में एक से 2 किलोमीटर पैदल चलता हूं लेकिन आज लगभग में 5:30 किलोमीटर चल चलने के बाद शुरुआत करता हूं मुझे कुछ किसान दिखाई देते हैं जो अपनी बाजी से खाद को निकाल रहे हैं जैसे-जैसे चलता रहा तो रास्ते में एक किसान मुझे साइकिल पर आता दिखाई देता है लेकिन मैं तस्वीर दूसरे तरीके से खींचता हूं क्योंकि कभी-कभी कुछ लोगों को ऐसा भयभीत हो जाता है कि उनकी तस्वीर ली जा रही है तो मैं चलते-चलते कमरे पर क्लिक करता हूं और तस्वीर ले लेता हूं इससे उन्हें पता भी नहीं लगता और मेरी दिनचर्या को बेहतर बनाने के लिए इस तरह की सुविधा मुझे प्राप्त हो जाती है फिर आगे बढ़ता हूं देखता हूं कि कुछ किसान पास में नदी है नदी के पास में जिसमें से वह रेट निकाल रहे हैं लेकिन वह रेट ऊपर से उठा रहे हैं रे नदी के अंदर नहीं जा रहे हैं मुझे लगता है कि इन्हें आवश्यकता है कहीं पर बांध बनाने की क्योंकि आजकल बारिश से तेज हो रही है जिस कारण मिट्टी रह जाती है लेकिन रेट हमेशा उसे पानी के रुकाव कर देता है मैं नहीं पूछा लेकिन मैं अपनी यात्रा में आगे बढ़ जाता हूं घर पहुंचगया हूं

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7:25 हुए थे तब मैं घर पहुंचा और सबसे पहले मैंने दूध का डिब्बा लिया और पैदल निकल गया वापस आते हुए नई की दुकान पर अपने छोटे बाल थोड़े से छोटे और करवा दिए हैं मेरे सिर पर बाल नहीं है लेकिन फिर भी मैं थोड़ी सी आसपास की कटिंग कराकर थोड़ा अच्छे लग जाते हैं फिर उसके बाद में घर पहुंचता हूं घर पहुंचने के बाद सबसे पहले स्कूटर की धुलाई करी और चार्जिंग पर लगा दिया मुझे मेरठ जाना है और कुछ सामान खरीद कर लाना है फिर मैं अपने पौधों की निराई गुड़ाई शुरू कर देता हूं आसमान में बादल छाए हुए हैं बारिश हो सकती है लेकिन अभी लग नहीं रहा है क्योंकि मौसम कभी भी बदलता रहता है फिर मैंने देखा कि लगभग 1 घंटे तक मैं मौसम को इंतजार किया लेकिन कुछ नहीं हुआ फिर मैं सोचा कि सब पौधों को निराई गुड़ाई करती है 12:20 हुए थे तब मैं पौधों को पाइप लगाकर पानी दे दिया है मुझे लगता है कि सूखे करने से कोई फायदा नहीं है पौधे सूख गई तो नुकसान दे सकते हैं इसलिए मैं सोचता हूं कि पौधों को टाइम से पानी देना सबसे अच्छा रहेगा

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फिर हम बच्चों के साथ मस्ती करना शुरू कर दिया है वह बारिश में भीगने चाहता था लेकिन कुछ बंदे आने के बाद बंद हो गई फिर मैंने उसे पाइप से मिला दिया वह मेरे पास ही खड़ा है और पौधों की तरफ देख रहा है तब मैं फवारा बनाकर उसके ऊपर भी पानी चला दिया वह देखकर बहुत ही खुश हुआ मुझे लगता है कि यह खुशी बहुत ही अच्छी रही फिर मैंने उसे कहा कि जो अपनी मम्मी के पास जाओ और जाकर कपड़े पहन लो लेकिन बच्चे कहां सुनते हैं बच्चे हमेशा इस तरह की मस्ती करते रहते हैं तो मैंने सोचा कि बच्चों को समझना चाहिए कि समय पर कपड़े पहन लेने चाहिए कोई भी दिक्कत हो तो दिक्कत आ सकती है

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दोपहर हो गई है लगभग दो बज चुके हैं भोजन कर लिया है और थोड़ा सा विश्राम किया और फिर मैं अपना स्कूटर स्टार्ट करता हूं और मेरठ के नहीं निकल जाता हूं 3:40 पर मैं मेरठ पहुंच गया देखा तो मेरे मित्र की दुकान बंद है तो मैंने सोचा कि दूसरा सामान ले लेता हूं लेकिन सामान नहीं मिला इसलिए मैं सबसे पहले कुछ चीज खोजने का लेकिन नहीं मिली फिर मैं एक पौधे वाले की दुकान पर गया वहां से कुछ पौधे लेने थे लेकिन अभी पौधे अवेलेबल नहीं है तो फिर मैंने एक खाद का कटा लिया लगभग ₹200 का आया और मैंने वह ₹50 में मिल जाता है क्योंकि पहले मैं दुकानों से खरीदता था अब मैं फैक्ट्री से खरीदता हूं तो मुझे कम कीमत में खाद मिल जाता है उसके बाद में लेकर खतौली के लिए रवाना हो जाता हूं 4:00 बजे ऑफिस पहुंच अलका गुनगुना पानी पिया थोड़ा सा आराम किया और फिर अपनी पोस्ट प्रस्तुत की पोस्ट प्रस्तुत करने के बाद मैं कंप्यूटर रूम की सारी की सफाई करी सारे कंप्यूटर उतार के अच्छी तरह झाड़ पूछ कर और अच्छी तरह विंडो एक्टिवेट कर कर चालू कर दिए हैं कल छात्र आएंगे कंप्यूटर सीखना शुरू कर दूंगा सात बज चुके थे तब मैं घर के लिए निकल रहा हूं पहले तबीयत से काफी ठीक है क्योंकि मुझे परसों बुखार हो गया था लेकिन अब काफी आराम है मुझे लगता है कि एक या दो दिन की खुराक और लेनी चाहिए।

Photos captured by@ahlawat
The Diary GameRemember God to make one day better.
Device nameNothing
LocationKhatauli
25% to@null
I hope you like this.Thanks for reading. You are all welcome..