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RE: डायरी गेम 10 फरवरी आज हमलोग दीघा ट्रिप पे जाने के लिए निकले अपनी स्कूटी से।।
आप की डायरी पढ़ कर तो मज़ा ही आ गया पर में जब कोलकाता में रहता था तो दीघा जाता था और वाकई मज़ा करता था. पर मुझे बस एक बात का अफ़सोस है की जब में बंगाली बोलने की कोशिश करता था और गलत प्रोनन्सिएशन कर देता था तो बंगाली जन बुरा मान जाते थे. आपने बहुत सी हिंदी गलत लिखी है पर में बुरा नहीं मानूंगा क्योंकि हिंदी मेरी लैंग्वेज नहीं है और सिखा जी स्कूटी को गाडी कहने से उसकी इज़्ज़त बढ़ने के लिए शुक्रिया। मोमो खाते रहिये और लॉन्ग ड्राइव करते रहिये।
धन्यवाद Sir मैं अपनी गलतियों को आगे से ध्यान दुगे कि वो गलती मुझसे दुबारा न हो और मुझे अच्छा लगा कि आपने मेरे डायरी को पढ़ा और आपको पसंद आए। दीघा मुझे अच्छा लगता इसलिए मैं जाती रहती हु अपने हसबैंड के साथ , बंगाली तो मुझे बस थोड़ा बहुत आती बस कम चल ने बाहर इसलिए मुझे वहां कोई दिक्कत नहीं होती है।