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RE: आज़ादी

in #independence8 years ago

पिंजरा तोड़ा ही नहीं जाता है बल्कि पंछी को नया पिंजरा पकड़ा कर मन बहलाने का प्रयास किया जाता है जो कुछ समय तक कारगार भी साबित होता है। थोड़े समय बाद जब पंछी फिर आजादी की बात करेगा तो तब तक नई सत्ता आने का समय हो जाएगा जो एक नया पिंजरा उसे मुहैया करा देगी। बेशक वादा इस बार हीरे-पन्ने से सुशोभित स्वर्ण पिंजरे का किया जाएगा।