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RE: धर्म का प्राणतत्व : विनय (भाग # १) | The Life of Religion : Modesty (Part # 1)

in #life8 years ago

मान्यवर आपके विचार बहुत ही शुद्ध एवं विनम्र हैं और यही सत्य है विनम्र विचारों से ही भाषा भी बहुत नम्र हो जाती है और ऐसे व्यक्ति का समाज भी सम्मान करता है । अच्छे एवं शान्तरिप्रोय जीवन के लिए विनम्रता बहुत आवश्यक है साथ ही विनम्र व्यक्ति अपने आप ही सकारात्मक विचारों वाले हो जाता है । आपके इस लेख ने मुझे हिंदी में लिखने को प्रोत्साहित किया धन्यवाद आपका बंधु ।