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RE: वो आखिरी खत (The Last Letter)

in #love8 years ago

जानदार शानदार दिलको थर्राने वाला ये लेख आपका पढ़कर
भाबुक मन मेरा समाज से शास्त्रों की ओर मुड़कर
इस्वर से पूछे ये सबाल बार बार
आत्मा और परमात्मा की मिलन करने वाला धर्म के नामपर
क्यों खंजर मारा जाता रहा सदियों से मासूम दिलों पर
फैसला का घड़ी है ये अये पर्बतीगार
आखिर कहाँ बस्ता है तेरा सच्ची दरबार