The Diary Game is 1923 entry 24th April 2026.
Morning time.
सुबह जागने में काफी देर हो चुकी है इसलिए मैंने कुछ ही व्यायाम किया फिर दूध लेने चला गया वापस आया और जल्दी से अपने पौधों को पानी दिया फिर मैं स्नान किया और थोड़ा कपड़ा प्रेस कर रहे थे स्कूल के लिए निकल जाता हूं आज मैं लगभग 8:35 स्कूल पहुंचा मैं काफी देर हो चुकी थी तब मैडम मेरे सामने कक्षा में पढ़ा रही मुझे लगता है कि अजीब हो सकते हैं लेकिन कभी-कभी कुछ चीज ऐसी होती है जो हमेशा परेशानी कर सकती है तो इसलिए हमेशा धामपूर्वक पढ़ना चाहिए कोई भी गलती हमेशा स्वीकार नहीं की जाएगी फिर मैं भी अपनी कक्षा में पढ़ रहा हूं मुझे लगता है क्या आपका मैं बेहतर कर सकता हूं
10:30 बज चुके हैं तब मैं फिर कंप्यूटर हूं मैं आ जाता हूं और सभी छात्रों को कंप्यूटर सीख रहा हूं जिसमें से वह सभी छात्र अपने समय को बदल देते हैं कभी-कभी कुछ चीज हमारे लिए खराब होती हैं लेकिन छात्रों के लिए हमेशा कुछ ना कुछ खराब होता है तो मुझे लगता है कि आपको समय पर कुछ चीज सीख देने चाहिए इसलिए मैंने सोचा है कि उनके लिए कोई भी गलती माफ नहीं होगी मुझे लगता है कि उसे स्वीकार कर लेनी चाहिए इसलिए मैंने सभी छात्रों को सही तरह सीखना शुरू किया है और थोड़े सिस्टम भी अपडेट किए हैं जिस कार्य मैं अभी सभी नए सिस्टम लगा दिए हैं तो मुझे लगता है कि सिस्टम को नई पैक में बना दिया गया इसलिए मुझे लगता है कि बेहतर रहेगा
12:00 बज चुके हैं दोपहर का समय है भोजन हमेशा याद आता है इसलिए मैं गर्म करने के लिए लगा दिया है एक बजा था तभी मैं गर्म किया है लेकिन 15 20 मिनट लूंगा गर्म हो जाएगा फिर मैंने अपना भोजन कॉल कर देखा तो भिंडी और प्याज की सब्जी है साथ में दही भी है भोजन हमेशा मेरे लिए स्वादिष्ट है कि घर का भजन मेरे लिए अच्छा बताता है भोजन करने के बाद थोड़ी डालता हूं फिर अपने कार्य में लग जाता हूं मुझे उम्मीद है कि बेहतर हो सकता है।
शाम हो गई पता ही नहीं लगा क्योंकि मुझे सारे सिस्टम तैयार करके भेजने हैं सिस्टम तैयार होने में लगभग तीन से चार घंटे लग जाते हैं फिर मैंने सोचा क्यों ना आज बाहर का भोजन किया जाए भजन में यह बहुत ही स्वादिष्ट है उन्होंने कहा कि आपको ₹15 देने हैं मैं का ठीक है भाई आप ₹15 ले लीजिए फिर मैंने बोले पाक कराए और घर ले गया और कुछ रोटी ली और बोले के साथ खाना शुरू किया यहां के चोले में से स्वादिष्ट होते हैं इसलिए बाहर का भजन कभी-कभी मैं ले लेता हूं जी साडे भजन और यह बहुत ही अच्छा लगता है
| Photos captured by | @ahlawat |
|---|---|
| The Diary Game | Remember God to make one day better. |
| Device name | Nothing |
| Location | Khatauli |
| 25% to | @null |
| I hope you like this. | Thanks for reading. You are all welcome.. |





